VedicSpace › पंचांग › द्वारका › 2026-10-02
कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · शुक्रवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:46 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष षष्ठी | तक 10:15 AM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शुक्रवार | — | कला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख। |
| नक्षत्र | मृगशिरा · पाद 1 | तक 02:55 AM | मृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख। |
| योग | व्यतीपात | तक 06:17 PM | महापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित। |
| करण | वणिज | तक 10:15 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:46 AM |
| सूर्यास्त | 06:41 PM |
| चन्द्रोदय | 11:17 PM |
| चन्द्रास्त | 12:20 PM |
| चन्द्र राशि | वृषभ |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 12:19 PM – 01:07 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:10 AM – 05:58 AM |
| अमृत काल | 07:26 PM – 08:56 PM |
| राहु काल | 11:14 AM – 12:43 PM |
| गुलिक काल | 08:15 AM – 09:44 AM |
| यमगण्ड | 03:42 PM – 05:11 PM |
| वर्ज्यम् | 10:27 AM – 11:57 AM |
| दुर्मुहूर्त | 11:32 AM – 12:19 PM |
| दुर्मुहूर्त | 02:42 PM – 03:30 PM |
| चर | 06:46 AM – 08:15 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 08:15 AM – 09:44 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:44 AM – 11:14 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:14 AM – 12:43 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:43 PM – 02:12 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:12 PM – 03:42 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 03:42 PM – 05:11 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 05:11 PM – 06:41 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| रोग | 06:41 PM – 08:11 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:11 PM – 09:42 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 09:42 PM – 11:12 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:12 PM – 12:43 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 12:43 AM – 02:14 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:14 AM – 03:44 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 03:44 AM – 05:15 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 05:15 AM – 06:46 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
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