VedicSpace › पंचांग › द्वारका › 2026-11-06
कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, हस्त नक्षत्र · शुक्रवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:01 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष द्वादशी | तक 10:31 AM | भद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शुक्रवार | — | कला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख। |
| नक्षत्र | हस्त · पाद 1 | तक 04:43 AM | क्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य। |
| योग | विष्कुम्भ | तक 04:10 AM | अशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित। |
| करण | तैतिल | तक 10:31 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 07:01 AM |
| सूर्यास्त | 06:15 PM |
| चन्द्रोदय | 04:16 AM |
| चन्द्रास्त | 04:09 PM |
| चन्द्र राशि | कन्या |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 12:15 PM – 01:00 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:25 AM – 06:13 AM |
| अमृत काल | 11:32 PM – 01:11 AM |
| राहु काल | 11:13 AM – 12:38 PM |
| गुलिक काल | 08:25 AM – 09:49 AM |
| यमगण्ड | 03:26 PM – 04:50 PM |
| वर्ज्यम् | 02:01 PM – 03:41 PM |
| दुर्मुहूर्त | 11:30 AM – 12:15 PM |
| दुर्मुहूर्त | 02:30 PM – 03:15 PM |
| चर | 07:01 AM – 08:25 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 08:25 AM – 09:49 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:49 AM – 11:13 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:13 AM – 12:38 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:38 PM – 02:02 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:02 PM – 03:26 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 03:26 PM – 04:50 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 04:50 PM – 06:15 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| रोग | 06:15 PM – 07:50 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 07:50 PM – 09:26 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 09:26 PM – 11:02 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:02 PM – 12:38 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 12:38 AM – 02:13 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:13 AM – 03:49 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 03:49 AM – 05:25 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 05:25 AM – 07:01 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
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