VedicSpace › पंचांग › द्वारका › 2026-11-04
कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · बुधवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:59 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष दशमी | तक 11:03 AM | पूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | बुधवार | — | व्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा। |
| नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी · पाद 1 | तक 03:30 AM | उग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | ब्रह्म | तक 08:01 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | विष्टि (भद्रा) | तक 11:03 AM | भद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु। |
| सूर्योदय | 06:59 AM |
| सूर्यास्त | 06:16 PM |
| चन्द्रोदय | 02:26 AM |
| चन्द्रास्त | 03:02 PM |
| चन्द्र राशि | सिंह |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:23 AM – 06:11 AM |
| अमृत काल | 10:04 PM – 11:40 PM |
| राहु काल | 12:37 PM – 02:02 PM |
| गुलिक काल | 11:12 AM – 12:37 PM |
| यमगण्ड | 08:23 AM – 09:48 AM |
| वर्ज्यम् | 12:26 PM – 02:02 PM |
| अभिजित मुहूर्त | 12:14 PM – 01:00 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 09:59 AM – 10:44 AM |
| लाभ | 06:59 AM – 08:23 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:23 AM – 09:48 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:48 AM – 11:12 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:12 AM – 12:37 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:37 PM – 02:02 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:02 PM – 03:26 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:26 PM – 04:51 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:51 PM – 06:16 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| उद्वेग | 06:16 PM – 07:51 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 07:51 PM – 09:26 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 09:26 PM – 11:02 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 11:02 PM – 12:37 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 12:37 AM – 02:12 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 02:12 AM – 03:48 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 03:48 AM – 05:23 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 05:23 AM – 06:59 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
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