VedicSpace › पंचांग › द्वारका › 2026-11-03
कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, मघा नक्षत्र · मङ्गलवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:59 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष नवमी | तक 11:55 AM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | मङ्गलवार | — | पराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | मघा · पाद 1 | तक 03:26 AM | उग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | शुक्ल | तक 09:54 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | गर | तक 11:55 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:59 AM |
| सूर्यास्त | 06:16 PM |
| चन्द्रोदय | 01:28 AM |
| चन्द्रास्त | 02:27 PM |
| चन्द्र राशि | सिंह |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 12:14 PM – 01:00 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:23 AM – 06:11 AM |
| अमृत काल | 02:03 AM – 03:38 AM |
| राहु काल | 03:26 PM – 04:51 PM |
| गुलिक काल | 12:37 PM – 02:02 PM |
| यमगण्ड | 09:48 AM – 11:12 AM |
| वर्ज्यम् | 04:35 PM – 06:09 PM |
| दुर्मुहूर्त | 11:29 AM – 12:14 PM |
| दुर्मुहूर्त | 02:30 PM – 03:15 PM |
| रोग | 06:59 AM – 08:23 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:23 AM – 09:48 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 09:48 AM – 11:12 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:12 AM – 12:37 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 12:37 PM – 02:02 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:02 PM – 03:26 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 03:26 PM – 04:51 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 04:51 PM – 06:16 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| काल | 06:16 PM – 07:51 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:51 PM – 09:26 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:26 PM – 11:02 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:02 PM – 12:37 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:37 AM – 02:12 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:12 AM – 03:48 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:48 AM – 05:23 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 05:23 AM – 06:59 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
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