VedicSpace › पंचांग › द्वारका › 2026-11-18
शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, शतभिषा नक्षत्र · बुधवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:08 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष अष्टमी | तक 06:05 AM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | बुधवार | — | व्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा। |
| नक्षत्र | शतभिषा · पाद 1 | तक 06:10 AM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | ध्रुव | तक 08:05 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बव | तक 06:05 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 07:08 AM |
| सूर्यास्त | 06:10 PM |
| चन्द्रोदय | 01:51 PM |
| चन्द्रास्त | 12:47 AM |
| चन्द्र राशि | कुम्भ |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:32 AM – 06:20 AM |
| अमृत काल | 11:38 PM – 01:20 AM |
| राहु काल | 12:39 PM – 02:01 PM |
| गुलिक काल | 11:16 AM – 12:39 PM |
| यमगण्ड | 08:30 AM – 09:53 AM |
| वर्ज्यम् | 01:24 PM – 03:06 PM |
| अभिजित मुहूर्त | 12:16 PM – 01:01 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 10:04 AM – 10:48 AM |
| लाभ | 07:08 AM – 08:30 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:30 AM – 09:53 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:53 AM – 11:16 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:16 AM – 12:39 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:39 PM – 02:01 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:01 PM – 03:24 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:24 PM – 04:47 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:47 PM – 06:10 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| उद्वेग | 06:10 PM – 07:47 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 07:47 PM – 09:24 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 09:24 PM – 11:01 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 11:01 PM – 12:39 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 12:39 AM – 02:16 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 02:16 AM – 03:53 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 03:53 AM – 05:30 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 05:30 AM – 07:08 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
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