VedicSpace › पंचांग › द्वारका › 2026-11-24
शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · मङ्गलवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष पूर्णिमा | तक 08:23 PM | पूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | मङ्गलवार | — | पराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | कृत्तिका · पाद 1 | तक 11:25 PM | मिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य। |
| योग | परिघ | तक 04:05 PM | अशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित। |
| करण | विष्टि (भद्रा) | तक 10:05 AM | भद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु। |
| सूर्योदय | 07:12 AM |
| सूर्यास्त | 06:10 PM |
| चन्द्रोदय | 05:51 PM |
| चन्द्रास्त | 06:38 AM |
| चन्द्र राशि | मेष |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 12:19 PM – 01:02 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:36 AM – 06:24 AM |
| अमृत काल | 10:29 PM – 11:54 PM |
| राहु काल | 03:25 PM – 04:47 PM |
| गुलिक काल | 12:41 PM – 02:03 PM |
| यमगण्ड | 09:56 AM – 11:18 AM |
| वर्ज्यम् | 01:56 PM – 03:22 PM |
| दुर्मुहूर्त | 11:35 AM – 12:19 PM |
| दुर्मुहूर्त | 02:30 PM – 03:14 PM |
| रोग | 07:12 AM – 08:34 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:34 AM – 09:56 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 09:56 AM – 11:18 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:18 AM – 12:41 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 12:41 PM – 02:03 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:03 PM – 03:25 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 03:25 PM – 04:47 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 04:47 PM – 06:10 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| काल | 06:10 PM – 07:47 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:47 PM – 09:25 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:25 PM – 11:03 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:03 PM – 12:41 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:41 AM – 02:18 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:18 AM – 03:56 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:56 AM – 05:34 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 05:34 AM – 07:12 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
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