VedicSpace › पंचांग › द्वारका › 2026-12-12
शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · शनिवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:24 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष तृतीया | तक 02:06 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा · पाद 1 | तक 06:12 AM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | वृद्धि | तक 11:17 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | गर | तक 02:06 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 07:24 AM |
| सूर्यास्त | 06:12 PM |
| चन्द्रोदय | 10:03 AM |
| चन्द्रास्त | 08:55 PM |
| चन्द्र राशि | धनु |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 12:26 PM – 01:09 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:48 AM – 06:36 AM |
| अमृत काल | 12:22 AM – 02:10 AM |
| राहु काल | 10:06 AM – 11:27 AM |
| गुलिक काल | 07:24 AM – 08:45 AM |
| यमगण्ड | 02:09 PM – 03:30 PM |
| वर्ज्यम् | 01:31 PM – 03:19 PM |
| दुर्मुहूर्त | 10:16 AM – 11:00 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:36 PM – 03:19 PM |
| काल | 07:24 AM – 08:45 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:45 AM – 10:06 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:06 AM – 11:27 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:27 AM – 12:48 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:48 PM – 02:09 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:09 PM – 03:30 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:30 PM – 04:51 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:51 PM – 06:12 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 06:12 PM – 07:51 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:51 PM – 09:30 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:30 PM – 11:09 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:09 PM – 12:48 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:48 AM – 02:27 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:27 AM – 04:06 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 04:06 AM – 05:45 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 05:45 AM – 07:24 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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