VedicSpace › पंचांग › द्वारका › 2027-02-09
शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · मङ्गलवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:29 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष तृतीया | तक 02:20 AM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | मङ्गलवार | — | पराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | पूर्वाभाद्रपद · पाद 1 | तक 03:40 AM | उग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | शिव | तक 09:43 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | तैतिल | तक 01:47 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 07:29 AM |
| सूर्यास्त | 06:48 PM |
| चन्द्रोदय | 08:58 AM |
| चन्द्रास्त | 09:07 PM |
| चन्द्र राशि | कुम्भ |
| सूर्य राशि | मकर |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · हेमन्त |
| अभिजित मुहूर्त | 12:45 PM – 01:31 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:53 AM – 06:41 AM |
| अमृत काल | 08:35 PM – 10:18 PM |
| राहु काल | 03:58 PM – 05:23 PM |
| गुलिक काल | 01:08 PM – 02:33 PM |
| यमगण्ड | 10:18 AM – 11:43 AM |
| वर्ज्यम् | 10:19 AM – 12:01 PM |
| दुर्मुहूर्त | 12:00 PM – 12:45 PM |
| दुर्मुहूर्त | 03:01 PM – 03:46 PM |
| रोग | 07:29 AM – 08:53 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:53 AM – 10:18 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:18 AM – 11:43 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:43 AM – 01:08 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:08 PM – 02:33 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:33 PM – 03:58 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 03:58 PM – 05:23 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 05:23 PM – 06:48 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| काल | 06:48 PM – 08:23 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:23 PM – 09:58 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:58 PM – 11:33 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:33 PM – 01:08 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:08 AM – 02:43 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:43 AM – 04:18 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:18 AM – 05:53 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 05:53 AM – 07:29 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
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