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VedicSpaceपंचांगगुरुग्राम › 2026-11-03

गुरुग्राम पंचांग — 3 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, मघा नक्षत्र · मङ्गलवार · हरियाणा (28.4595°, 77.0266°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुरुग्राम (28.4595°, 77.0266°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:35 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 11:55 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रमघा · पाद 1तक 03:26 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगशुक्लतक 09:54 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 11:55 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:35 AM
सूर्यास्त05:36 PM
चन्द्रोदय12:46 AM
चन्द्रास्त02:00 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:43 AM – 12:27 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:59 AM – 05:47 AM
अमृत काल01:39 AM – 03:14 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:50 PM – 04:13 PM
गुलिक काल12:05 PM – 01:28 PM
यमगण्ड09:20 AM – 10:42 AM
वर्ज्यम्04:11 PM – 05:45 PM
दुर्मुहूर्त10:59 AM – 11:43 AM
दुर्मुहूर्त01:55 PM – 02:39 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:35 AM – 07:57 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:57 AM – 09:20 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:20 AM – 10:42 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:42 AM – 12:05 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:05 PM – 01:28 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:28 PM – 02:50 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:50 PM – 04:13 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:13 PM – 05:36 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:36 PM – 07:13 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:13 PM – 08:50 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:50 PM – 10:28 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:28 PM – 12:05 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:05 AM – 01:42 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:42 AM – 03:20 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:20 AM – 04:57 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:57 AM – 06:35 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle