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VedicSpaceपंचांगगुरुग्राम › 2027-01-18

गुरुग्राम पंचांग — 18 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · सोमवार · हरियाणा (28.4595°, 77.0266°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुरुग्राम (28.4595°, 77.0266°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:15 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 10:27 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 2तक 09:05 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगशुभतक 09:33 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 10:27 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:15 AM
सूर्यास्त05:50 PM
चन्द्रोदय01:23 PM
चन्द्रास्त02:41 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:39 AM – 06:27 AM
अमृत काल08:06 PM – 09:36 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:34 AM – 09:53 AM
गुलिक काल01:51 PM – 03:11 PM
यमगण्ड11:13 AM – 12:32 PM
वर्ज्यम्11:12 AM – 12:41 PM
अभिजित मुहूर्त12:11 PM – 12:53 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:00 PM – 03:43 PM

दिन चौघड़िया

अमृत07:15 AM – 08:34 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:34 AM – 09:53 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:53 AM – 11:13 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:13 AM – 12:32 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:32 PM – 01:51 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:51 PM – 03:11 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:11 PM – 04:30 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:30 PM – 05:50 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर05:50 PM – 07:30 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:30 PM – 09:11 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:11 PM – 10:51 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:51 PM – 12:32 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:32 AM – 02:13 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:13 AM – 03:53 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:53 AM – 05:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:34 AM – 07:15 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle