VedicSpace › पंचांग › गुरुग्राम › 2027-04-27
कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · मङ्गलवार · हरियाणा (28.4595°, 77.0266°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुरुग्राम (28.4595°, 77.0266°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:45 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष षष्ठी | तक 09:57 AM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | मङ्गलवार | — | पराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | पूर्वाषाढ़ा · पाद 3 | तक 02:25 PM | उग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | सिद्ध | तक 03:42 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | वणिज | तक 09:57 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:45 AM |
| सूर्यास्त | 06:54 PM |
| चन्द्रोदय | 12:10 AM |
| चन्द्रास्त | 10:24 AM |
| चन्द्र राशि | धनु |
| सूर्य राशि | मेष |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · वसन्त |
| अभिजित मुहूर्त | 11:53 AM – 12:45 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:09 AM – 04:57 AM |
| अमृत काल | 08:46 AM – 10:34 AM |
| राहु काल | 03:36 PM – 05:15 PM |
| गुलिक काल | 12:19 PM – 01:58 PM |
| यमगण्ड | 09:02 AM – 10:40 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 11:00 AM – 11:53 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:31 PM – 03:23 PM |
| रोग | 05:45 AM – 07:23 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 07:23 AM – 09:02 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 09:02 AM – 10:40 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 10:40 AM – 12:19 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 12:19 PM – 01:58 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 01:58 PM – 03:36 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 03:36 PM – 05:15 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 05:15 PM – 06:54 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| काल | 06:54 PM – 08:15 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:15 PM – 09:36 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:36 PM – 10:58 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:58 PM – 12:19 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:19 AM – 01:40 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:40 AM – 03:02 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:02 AM – 04:23 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:23 AM – 05:45 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
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