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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2026-07-14

गुवाहाटी पंचांग — 14 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · मङ्गलवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:40 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 03:13 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 1तक 12:09 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगव्याघाततक 11:57 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणनागतक 03:13 PMस्थिर करण — केवल कठोर / क्रूर कर्म।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:40 AM
सूर्यास्त06:18 PM
चन्द्रोदय04:12 AM
चन्द्रास्त06:25 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:01 AM – 11:56 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:04 AM – 03:52 AM
अमृत काल08:42 PM – 10:07 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:53 PM – 04:35 PM
गुलिक काल11:29 AM – 01:11 PM
यमगण्ड08:04 AM – 09:46 AM
वर्ज्यम्12:10 PM – 01:35 PM
दुर्मुहूर्त10:07 AM – 11:01 AM
दुर्मुहूर्त01:45 PM – 02:39 PM

दिन चौघड़िया

रोग04:40 AM – 06:22 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:22 AM – 08:04 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:04 AM – 09:46 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:46 AM – 11:29 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:29 AM – 01:11 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:11 PM – 02:53 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:53 PM – 04:35 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:35 PM – 06:18 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:18 PM – 07:35 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:35 PM – 08:53 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:53 PM – 10:11 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:11 PM – 11:29 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:29 PM – 12:46 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:46 AM – 02:04 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:04 AM – 03:22 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:22 AM – 04:40 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle