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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2026-11-06

गुवाहाटी पंचांग — 6 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, हस्त नक्षत्र · शुक्रवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:35 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 10:31 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रहस्त · पाद 1तक 04:43 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगविष्कुम्भतक 04:10 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 10:31 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:35 AM
सूर्यास्त04:38 PM
चन्द्रोदय02:43 AM
चन्द्रास्त02:34 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त10:44 AM – 11:28 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:59 AM – 04:47 AM
अमृत काल10:06 PM – 11:45 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:43 AM – 11:06 AM
गुलिक काल06:57 AM – 08:20 AM
यमगण्ड01:52 PM – 03:15 PM
वर्ज्यम्12:35 PM – 02:15 PM
दुर्मुहूर्त10:00 AM – 10:44 AM
दुर्मुहूर्त12:57 PM – 01:41 PM

दिन चौघड़िया

चर05:35 AM – 06:57 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:57 AM – 08:20 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:20 AM – 09:43 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:43 AM – 11:06 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:06 AM – 12:29 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:29 PM – 01:52 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:52 PM – 03:15 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:15 PM – 04:38 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग04:38 PM – 06:15 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:15 PM – 07:52 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:52 PM – 09:29 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:29 PM – 11:06 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:06 PM – 12:43 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:43 AM – 02:20 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:20 AM – 03:57 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:57 AM – 05:35 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle