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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2027-01-05

गुवाहाटी पंचांग — 5 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · मङ्गलवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:11 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 08:40 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 1तक 03:07 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगगण्डतक 12:43 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 07:26 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:11 AM
सूर्यास्त04:45 PM
चन्द्रोदय04:12 AM
चन्द्रास्त02:26 PM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:06 AM – 11:49 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:35 AM – 05:23 AM
अमृत काल05:26 PM – 07:14 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:06 PM – 03:25 PM
गुलिक काल11:28 AM – 12:47 PM
यमगण्ड08:49 AM – 10:08 AM
वर्ज्यम्06:41 AM – 08:28 AM
दुर्मुहूर्त10:24 AM – 11:06 AM
दुर्मुहूर्त01:13 PM – 01:55 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:11 AM – 07:30 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:30 AM – 08:49 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:49 AM – 10:08 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:08 AM – 11:28 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:28 AM – 12:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:47 PM – 02:06 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:06 PM – 03:25 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:25 PM – 04:45 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल04:45 PM – 06:25 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:25 PM – 08:06 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:06 PM – 09:47 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:47 PM – 11:28 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:28 PM – 01:08 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:08 AM – 02:49 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:49 AM – 04:30 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:30 AM – 06:11 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle