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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2027-03-13

गुवाहाटी पंचांग — 13 मार्च 2027

शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, भरणी नक्षत्र · शनिवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:35 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पञ्चमीतक 01:55 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रभरणी · पाद 4तक 11:03 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगवैधृतितक 07:30 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबालवतक 01:55 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:35 AM
सूर्यास्त05:31 PM
चन्द्रोदय08:20 AM
चन्द्रास्त10:21 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:09 AM – 11:56 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:59 AM – 04:47 AM
अमृत काल05:55 AM – 07:29 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:34 AM – 10:03 AM
गुलिक काल05:35 AM – 07:04 AM
यमगण्ड01:02 PM – 02:32 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त08:45 AM – 09:33 AM
दुर्मुहूर्त01:32 PM – 02:20 PM

दिन चौघड़िया

काल05:35 AM – 07:04 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:04 AM – 08:34 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:34 AM – 10:03 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:03 AM – 11:33 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:33 AM – 01:02 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:02 PM – 02:32 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:32 PM – 04:01 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:01 PM – 05:31 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:31 PM – 07:01 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:01 PM – 08:32 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:32 PM – 10:02 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:02 PM – 11:33 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:33 PM – 01:03 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:03 AM – 02:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:34 AM – 04:04 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:04 AM – 05:35 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle