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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2027-03-14

गुवाहाटी पंचांग — 14 मार्च 2027

शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · रविवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:34 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष षष्ठीतक 12:32 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 4तक 10:23 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगविष्कुम्भतक 05:10 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 12:32 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:34 AM
सूर्यास्त05:31 PM
चन्द्रोदय09:09 AM
चन्द्रास्त11:25 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:08 AM – 11:56 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:58 AM – 04:46 AM
अमृत काल07:38 AM – 09:11 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:01 PM – 05:31 PM
गुलिक काल02:31 PM – 04:01 PM
यमगण्ड11:32 AM – 01:02 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त03:55 PM – 04:43 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:34 AM – 07:03 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:03 AM – 08:33 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:33 AM – 10:02 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:02 AM – 11:32 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:32 AM – 01:02 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:02 PM – 02:31 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:31 PM – 04:01 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:01 PM – 05:31 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:31 PM – 07:01 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:01 PM – 08:31 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:31 PM – 10:02 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:02 PM – 11:32 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:32 PM – 01:02 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:02 AM – 02:33 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:33 AM – 04:03 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:03 AM – 05:34 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle