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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2027-08-16

गुवाहाटी पंचांग — 16 अगस्त 2027

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, श्रवण नक्षत्र · सोमवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:56 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्दशीतक 10:29 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रश्रवण · पाद 2तक 11:34 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसौभाग्यतक 12:40 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 10:29 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:56 AM
सूर्यास्त05:59 PM
चन्द्रोदय05:29 PM
चन्द्रास्त03:46 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:20 AM – 04:08 AM
अमृत काल10:46 AM – 12:34 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:33 AM – 08:11 AM
गुलिक काल01:05 PM – 02:43 PM
यमगण्ड09:49 AM – 11:27 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:01 AM – 11:53 AM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:30 PM – 03:22 PM

दिन चौघड़िया

अमृत04:56 AM – 06:33 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:33 AM – 08:11 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:11 AM – 09:49 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:49 AM – 11:27 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:27 AM – 01:05 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:05 PM – 02:43 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:43 PM – 04:21 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:21 PM – 05:59 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर05:59 PM – 07:21 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:21 PM – 08:43 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:43 PM – 10:05 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:05 PM – 11:27 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:27 PM – 12:49 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:49 AM – 02:11 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:11 AM – 03:33 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:33 AM – 04:56 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle