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VedicSpaceपंचांगगुवाहाटी › 2027-08-17

गुवाहाटी पंचांग — 17 अगस्त 2027

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · मङ्गलवार · असम (26.1445°, 91.7362°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना गुवाहाटी (26.1445°, 91.7362°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:56 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 12:58 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 1तक 02:32 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशोभनतक 01:37 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 12:58 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:56 AM
सूर्यास्त05:58 PM
चन्द्रोदय06:01 PM
चन्द्रास्त04:39 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:00 AM – 11:53 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:20 AM – 04:08 AM
अमृत काल01:47 PM – 03:35 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:42 PM – 04:20 PM
गुलिक काल11:27 AM – 01:04 PM
यमगण्ड08:11 AM – 09:49 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:08 AM – 11:00 AM
दुर्मुहूर्त01:37 PM – 02:29 PM

दिन चौघड़िया

रोग04:56 AM – 06:33 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:33 AM – 08:11 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:11 AM – 09:49 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:49 AM – 11:27 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:27 AM – 01:04 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:04 PM – 02:42 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:42 PM – 04:20 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:20 PM – 05:58 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:58 PM – 07:20 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:20 PM – 08:42 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:42 PM – 10:04 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:04 PM – 11:27 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:27 PM – 12:49 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:49 AM – 02:11 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:11 AM – 03:33 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:33 AM – 04:56 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle