VedicSpace › पंचांग › हरिद्वार › 2026-10-31
कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · शनिवार · उत्तराखंड (29.9457°, 78.1642°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना हरिद्वार (29.9457°, 78.1642°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:30 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष षष्ठी | तक 04:57 PM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | आर्द्रा · पाद 4 | तक 07:12 AM | तीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | सिद्ध | तक 05:31 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | गर | तक 06:09 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:30 AM |
| सूर्यास्त | 05:32 PM |
| चन्द्रोदय | 10:25 PM |
| चन्द्रास्त | 11:53 AM |
| चन्द्र राशि | मिथुन |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:38 AM – 12:23 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:54 AM – 05:42 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 09:15 AM – 10:38 AM |
| गुलिक काल | 06:30 AM – 07:52 AM |
| यमगण्ड | 01:23 PM – 02:46 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 09:26 AM – 10:10 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:51 PM – 02:35 PM |
| काल | 06:30 AM – 07:52 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:52 AM – 09:15 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:15 AM – 10:38 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:38 AM – 12:01 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:01 PM – 01:23 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:23 PM – 02:46 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:46 PM – 04:09 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:09 PM – 05:32 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 05:32 PM – 07:09 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:09 PM – 08:46 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:46 PM – 10:23 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:23 PM – 12:01 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:01 AM – 01:38 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:38 AM – 03:15 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:15 AM – 04:52 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:52 AM – 06:30 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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