VedicSpace › पंचांग › हरिद्वार › 2026-11-02
कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, आश्लेषा नक्षत्र · सोमवार · उत्तराखंड (29.9457°, 78.1642°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना हरिद्वार (29.9457°, 78.1642°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:31 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष अष्टमी | तक 01:11 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | आश्लेषा · पाद 1 | तक 03:46 AM | तीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | शुभ | तक 12:06 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | कौलव | तक 01:11 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:31 AM |
| सूर्यास्त | 05:30 PM |
| चन्द्रोदय | 12:39 AM |
| चन्द्रास्त | 01:22 PM |
| चन्द्र राशि | कर्क |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:55 AM – 05:43 AM |
| अमृत काल | 02:44 AM – 04:17 AM |
| राहु काल | 07:53 AM – 09:15 AM |
| गुलिक काल | 01:22 PM – 02:45 PM |
| यमगण्ड | 10:38 AM – 12:00 PM |
| वर्ज्यम् | 05:25 PM – 06:58 PM |
| अभिजित मुहूर्त | 11:38 AM – 12:22 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 02:34 PM – 03:18 PM |
| अमृत | 06:31 AM – 07:53 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 07:53 AM – 09:15 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:15 AM – 10:38 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:38 AM – 12:00 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:00 PM – 01:22 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:22 PM – 02:45 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:45 PM – 04:07 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:07 PM – 05:30 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 05:30 PM – 07:07 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 07:07 PM – 08:45 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:45 PM – 10:22 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:22 PM – 12:00 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:00 AM – 01:38 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 01:38 AM – 03:15 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 03:15 AM – 04:53 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 04:53 AM – 06:31 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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