VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगहरिद्वार › 2027-05-13

हरिद्वार पंचांग — 13 मई 2027

शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, आश्लेषा नक्षत्र · गुरुवार · उत्तराखंड (29.9457°, 78.1642°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना हरिद्वार (29.9457°, 78.1642°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:26 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमीतक 09:18 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रआश्लेषा · पाद 3तक 01:41 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगवृद्धितक 11:20 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 10:13 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:26 AM
सूर्यास्त07:02 PM
चन्द्रोदय12:10 PM
चन्द्रास्त12:45 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:46 AM – 12:41 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:50 AM – 04:38 AM
अमृत काल11:35 AM – 01:07 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:56 PM – 03:38 PM
गुलिक काल08:50 AM – 10:32 AM
यमगण्ड05:26 AM – 07:08 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:35 PM – 02:30 PM
दुर्मुहूर्त05:13 PM – 06:07 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:26 AM – 07:08 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:08 AM – 08:50 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:50 AM – 10:32 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:32 AM – 12:14 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:14 PM – 01:56 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:56 PM – 03:38 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:38 PM – 05:20 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:20 PM – 07:02 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:02 PM – 08:20 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:20 PM – 09:38 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:38 PM – 10:56 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:56 PM – 12:14 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:14 AM – 01:32 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:32 AM – 02:50 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:50 AM – 04:08 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:08 AM – 05:26 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle