VedicSpace › पंचांग › ह्यूस्टन › 2025-10-13
कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · सोमवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:22 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष अष्टमी | तक 12:40 AM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | पुनर्वसु · पाद 1 | तक 01:24 AM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | शिव | तक 07:25 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बालव | तक 01:12 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 07:22 AM |
| सूर्यास्त | 06:53 PM |
| चन्द्रोदय | 12:54 AM |
| चन्द्रास्त | 02:26 PM |
| चन्द्र राशि | मिथुन |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:46 AM – 06:34 AM |
| अमृत काल | 12:25 AM – 01:59 AM |
| राहु काल | 08:48 AM – 10:14 AM |
| गुलिक काल | 02:33 PM – 04:00 PM |
| यमगण्ड | 11:41 AM – 01:07 PM |
| वर्ज्यम् | 03:01 PM – 04:35 PM |
| अभिजित मुहूर्त | 12:44 PM – 01:30 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 03:48 PM – 04:34 PM |
| अमृत | 07:22 AM – 08:48 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:48 AM – 10:14 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:14 AM – 11:41 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:41 AM – 01:07 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:07 PM – 02:33 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:33 PM – 04:00 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:00 PM – 05:26 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 05:26 PM – 06:53 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 06:53 PM – 08:26 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 08:26 PM – 10:00 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 10:00 PM – 11:33 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:33 PM – 01:07 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 01:07 AM – 02:41 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:41 AM – 04:14 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 04:14 AM – 05:48 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 05:48 AM – 07:22 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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