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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2025-10-15

ह्यूस्टन पंचांग — 15 अक्टूबर 2025

कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, आश्लेषा नक्षत्र · बुधवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:23 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष दशमीतक 12:06 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रआश्लेषा · पाद 1तक 02:12 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगसाध्यतक 04:27 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 12:00 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:23 AM
सूर्यास्त06:51 PM
चन्द्रोदय01:59 AM
चन्द्रास्त03:48 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:47 AM – 06:35 AM
अमृत काल01:56 AM – 03:35 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:07 PM – 02:33 PM
गुलिक काल11:41 AM – 01:07 PM
यमगण्ड08:49 AM – 10:15 AM
वर्ज्यम्04:02 PM – 05:41 PM
अभिजित मुहूर्त12:44 PM – 01:29 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त10:26 AM – 11:12 AM

दिन चौघड़िया

लाभ07:23 AM – 08:49 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:49 AM – 10:15 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:15 AM – 11:41 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:41 AM – 01:07 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:07 PM – 02:33 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:33 PM – 03:59 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:59 PM – 05:25 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:25 PM – 06:51 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:51 PM – 08:25 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:25 PM – 09:59 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:59 PM – 11:33 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:33 PM – 01:07 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:07 AM – 02:41 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:41 AM – 04:15 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:15 AM – 05:49 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:49 AM – 07:23 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle