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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2025-10-17

ह्यूस्टन पंचांग — 17 अक्टूबर 2025

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · शुक्रवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:25 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 01:49 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 1तक 05:11 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगशुक्लतक 03:18 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 01:12 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:25 AM
सूर्यास्त06:49 PM
चन्द्रोदय03:59 AM
चन्द्रास्त04:49 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:44 PM – 01:29 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:49 AM – 06:37 AM
अमृत काल11:44 PM – 01:27 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:41 AM – 01:07 PM
गुलिक काल08:50 AM – 10:16 AM
यमगण्ड03:58 PM – 05:23 PM
वर्ज्यम्01:26 PM – 03:09 PM
दुर्मुहूर्त11:58 AM – 12:44 PM
दुर्मुहूर्त03:01 PM – 03:46 PM

दिन चौघड़िया

चर07:25 AM – 08:50 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:50 AM – 10:16 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:16 AM – 11:41 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:41 AM – 01:07 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:07 PM – 02:32 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:32 PM – 03:58 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:58 PM – 05:23 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:23 PM – 06:49 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:49 PM – 08:23 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:23 PM – 09:58 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:58 PM – 11:32 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:32 PM – 01:07 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:07 AM – 02:41 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:41 AM – 04:16 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:16 AM – 05:50 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:50 AM – 07:25 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle