VedicSpace › पंचांग › ह्यूस्टन › 2026-08-04
कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, रेवती नक्षत्र · मङ्गलवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:43 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष षष्ठी | तक 11:33 AM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | मङ्गलवार | — | पराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | रेवती · पाद 4 | तक 11:24 AM | मृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख। |
| योग | धृति | तक 09:03 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | वणिज | तक 11:33 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:43 AM |
| सूर्यास्त | 08:12 PM |
| चन्द्रोदय | 11:42 PM |
| चन्द्रास्त | 12:21 PM |
| चन्द्र राशि | मीन |
| सूर्य राशि | कर्क |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · ग्रीष्म |
| अभिजित मुहूर्त | 01:00 PM – 01:54 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:07 AM – 05:55 AM |
| अमृत काल | 09:45 AM – 11:19 AM |
| राहु काल | 04:49 PM – 06:30 PM |
| गुलिक काल | 01:27 PM – 03:08 PM |
| यमगण्ड | 10:05 AM – 11:46 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 12:06 PM – 01:00 PM |
| दुर्मुहूर्त | 03:42 PM – 04:36 PM |
| रोग | 06:43 AM – 08:24 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:24 AM – 10:05 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:05 AM – 11:46 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:46 AM – 01:27 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:27 PM – 03:08 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:08 PM – 04:49 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 04:49 PM – 06:30 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 06:30 PM – 08:12 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| काल | 08:12 PM – 09:30 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:30 PM – 10:49 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:49 PM – 12:08 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:08 AM – 01:27 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:27 AM – 02:46 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:46 AM – 04:05 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:05 AM – 05:24 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 05:24 AM – 06:43 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
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