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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2026-08-11

ह्यूस्टन पंचांग — 11 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, पुष्य नक्षत्र · मङ्गलवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:47 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 03:23 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपुष्य · पाद 2तक 09:30 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगसिद्धितक 08:21 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणशकुनितक 03:23 PMस्थिर करण — औषधि, मन्त्र; शुभ आरम्भ वर्जित।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:47 AM
सूर्यास्त08:06 PM
चन्द्रोदय05:28 AM
चन्द्रास्त07:32 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:59 PM – 01:53 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:11 AM – 05:59 AM
अमृत काल04:27 PM – 05:54 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:46 PM – 06:26 PM
गुलिक काल01:26 PM – 03:06 PM
यमगण्ड10:06 AM – 11:46 AM
वर्ज्यम्07:42 AM – 09:09 AM
दुर्मुहूर्त12:06 PM – 12:59 PM
दुर्मुहूर्त03:39 PM – 04:32 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:47 AM – 08:26 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:26 AM – 10:06 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:06 AM – 11:46 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:46 AM – 01:26 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:26 PM – 03:06 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:06 PM – 04:46 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:46 PM – 06:26 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:26 PM – 08:06 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल08:06 PM – 09:26 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:26 PM – 10:46 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:46 PM – 12:06 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:06 AM – 01:26 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:26 AM – 02:46 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:46 AM – 04:06 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:06 AM – 05:26 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:26 AM – 06:47 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle