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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2026-08-09

ह्यूस्टन पंचांग — 9 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · रविवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:46 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 09:31 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 1तक 01:57 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगहर्षणतक 03:34 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 11:04 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:46 AM
सूर्यास्त08:08 PM
चन्द्रोदय03:06 AM
चन्द्रास्त05:52 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त01:00 PM – 01:53 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:10 AM – 05:58 AM
अमृत काल05:40 PM – 07:06 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:27 PM – 08:08 PM
गुलिक काल04:47 PM – 06:27 PM
यमगण्ड01:27 PM – 03:07 PM
वर्ज्यम्08:58 AM – 10:25 AM
दुर्मुहूर्त06:21 PM – 07:14 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:46 AM – 08:26 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:26 AM – 10:06 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:06 AM – 11:46 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:46 AM – 01:27 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:27 PM – 03:07 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:07 PM – 04:47 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:47 PM – 06:27 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:27 PM – 08:08 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ08:08 PM – 09:27 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:27 PM – 10:47 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:47 PM – 12:07 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:07 AM – 01:27 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:27 AM – 02:46 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:46 AM – 04:06 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:06 AM – 05:26 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:26 AM – 06:46 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle