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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2027-04-28

ह्यूस्टन पंचांग — 28 अप्रैल 2027

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · बुधवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: आंशिक (2/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:42 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 04:31 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 4तक 07:00 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगसाध्यतक 06:14 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 03:17 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:42 AM
सूर्यास्त07:57 PM
चन्द्रोदय02:10 AM
चन्द्रास्त12:43 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:06 AM – 05:54 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:19 PM – 02:58 PM
गुलिक काल11:40 AM – 01:19 PM
यमगण्ड08:21 AM – 10:00 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:53 PM – 01:46 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त10:14 AM – 11:07 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:42 AM – 08:21 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:21 AM – 10:00 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:00 AM – 11:40 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:40 AM – 01:19 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:19 PM – 02:58 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:58 PM – 04:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:38 PM – 06:17 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:17 PM – 07:57 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग07:57 PM – 09:17 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:17 PM – 10:38 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:38 PM – 11:58 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:58 PM – 01:19 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:19 AM – 02:40 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:40 AM – 04:00 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:00 AM – 05:21 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:21 AM – 06:42 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle