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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2027-04-30

ह्यूस्टन पंचांग — 30 अप्रैल 2027

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · शुक्रवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:40 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 06:44 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 3तक 12:40 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशुक्लतक 07:55 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 06:44 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:40 AM
सूर्यास्त07:58 PM
चन्द्रोदय03:14 AM
चन्द्रास्त02:35 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:52 PM – 01:45 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:04 AM – 05:52 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:39 AM – 01:19 PM
गुलिक काल08:19 AM – 09:59 AM
यमगण्ड04:38 PM – 06:18 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:59 AM – 12:52 PM
दुर्मुहूर्त03:32 PM – 04:25 PM

दिन चौघड़िया

चर06:40 AM – 08:19 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:19 AM – 09:59 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:59 AM – 11:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:39 AM – 01:19 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:19 PM – 02:58 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:58 PM – 04:38 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:38 PM – 06:18 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:18 PM – 07:58 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग07:58 PM – 09:18 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:18 PM – 10:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:38 PM – 11:58 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:58 PM – 01:19 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:19 AM – 02:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:39 AM – 03:59 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:59 AM – 05:19 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:19 AM – 06:40 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle