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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2027-05-21

ह्यूस्टन पंचांग — 21 मई 2027

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · शुक्रवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:25 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 06:53 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 1तक 06:20 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगशिवतक 11:45 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 06:53 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:25 AM
सूर्यास्त08:11 PM
चन्द्रोदय09:51 PM
चन्द्रास्त06:55 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:50 PM – 01:45 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:49 AM – 05:37 AM
अमृत काल09:13 PM – 10:57 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:34 AM – 01:18 PM
गुलिक काल08:08 AM – 09:51 AM
यमगण्ड04:44 PM – 06:27 PM
वर्ज्यम्10:49 AM – 12:33 PM
दुर्मुहूर्त11:55 AM – 12:50 PM
दुर्मुहूर्त03:35 PM – 04:30 PM

दिन चौघड़िया

चर06:25 AM – 08:08 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:08 AM – 09:51 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:51 AM – 11:34 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:34 AM – 01:18 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:18 PM – 03:01 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:01 PM – 04:44 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:44 PM – 06:27 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:27 PM – 08:11 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग08:11 PM – 09:27 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:27 PM – 10:44 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:44 PM – 12:01 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:01 AM – 01:18 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:18 AM – 02:34 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:34 AM – 03:51 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:51 AM – 05:08 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:08 AM – 06:25 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle