VedicSpace › पंचांग › ह्यूस्टन › 2027-05-22
कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · शनिवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:25 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष द्वितीया | तक 08:18 AM | भद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | ज्येष्ठा · पाद 4 | तक 06:20 AM | तीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | सिद्ध | तक 11:58 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | गर | तक 08:18 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:25 AM |
| सूर्यास्त | 08:12 PM |
| चन्द्रोदय | 10:43 PM |
| चन्द्रास्त | 07:46 AM |
| चन्द्र राशि | वृश्चिक |
| सूर्य राशि | वृषभ |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · वसन्त |
| अभिजित मुहूर्त | 12:50 PM – 01:46 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:49 AM – 05:37 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 09:51 AM – 11:35 AM |
| गुलिक काल | 06:25 AM – 08:08 AM |
| यमगण्ड | 03:01 PM – 04:45 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 10:05 AM – 11:00 AM |
| दुर्मुहूर्त | 03:36 PM – 04:31 PM |
| काल | 06:25 AM – 08:08 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:08 AM – 09:51 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:51 AM – 11:35 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:35 AM – 01:18 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:18 PM – 03:01 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:01 PM – 04:45 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:45 PM – 06:28 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 06:28 PM – 08:12 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 08:12 PM – 09:28 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:28 PM – 10:45 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:45 PM – 12:01 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:01 AM – 01:18 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 01:18 AM – 02:35 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:35 AM – 03:51 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:51 AM – 05:08 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 05:08 AM – 06:25 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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