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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2027-07-27

ह्यूस्टन पंचांग — 27 जुलाई 2027

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, भरणी नक्षत्र · मङ्गलवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:38 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 10:45 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रभरणी · पाद 2तक 07:17 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगशूलतक 07:23 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 11:20 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:38 AM
सूर्यास्त08:18 PM
चन्द्रोदय12:45 AM
चन्द्रास्त02:47 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त01:00 PM – 01:55 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:02 AM – 05:50 AM
अमृत काल03:10 PM – 04:45 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:53 PM – 06:35 PM
गुलिक काल01:28 PM – 03:10 PM
यमगण्ड10:03 AM – 11:45 AM
वर्ज्यम्05:41 AM – 07:16 AM
दुर्मुहूर्त12:06 PM – 01:00 PM
दुर्मुहूर्त03:44 PM – 04:39 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:38 AM – 08:20 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:20 AM – 10:03 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:03 AM – 11:45 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:45 AM – 01:28 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:28 PM – 03:10 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:10 PM – 04:53 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:53 PM – 06:35 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:35 PM – 08:18 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल08:18 PM – 09:35 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:35 PM – 10:53 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:53 PM – 12:10 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:10 AM – 01:28 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:28 AM – 02:45 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:45 AM – 04:03 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:03 AM – 05:20 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:20 AM – 06:38 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle