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VedicSpaceपंचांगह्यूस्टन › 2027-07-28

ह्यूस्टन पंचांग — 28 जुलाई 2027

कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · बुधवार · टेक्सस (29.7604°, -95.3698°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ह्यूस्टन (29.7604°, -95.3698°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:38 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष दशमीतक 09:04 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 2तक 06:28 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगवृद्धितक 02:50 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 10:00 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:38 AM
सूर्यास्त08:17 PM
चन्द्रोदय01:28 AM
चन्द्रास्त03:53 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:02 AM – 05:50 AM
अमृत काल04:48 PM – 06:20 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:27 PM – 03:09 PM
गुलिक काल11:45 AM – 01:27 PM
यमगण्ड08:20 AM – 10:02 AM
वर्ज्यम्07:35 AM – 09:07 AM
अभिजित मुहूर्त01:00 PM – 01:54 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त10:16 AM – 11:11 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:38 AM – 08:20 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:20 AM – 10:02 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:02 AM – 11:45 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:45 AM – 01:27 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:27 PM – 03:09 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:09 PM – 04:52 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:52 PM – 06:34 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:34 PM – 08:17 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग08:17 PM – 09:34 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:34 PM – 10:52 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:52 PM – 12:09 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:09 AM – 01:27 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:27 AM – 02:45 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:45 AM – 04:02 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:02 AM – 05:20 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:20 AM – 06:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle