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VedicSpaceपंचांगजम्मू › 2027-01-16

जम्मू पंचांग — 16 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · शनिवार · जम्मू-कश्मीर (32.7266°, 74.857°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना जम्मू (32.7266°, 74.857°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:33 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमीतक 01:43 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 2तक 11:39 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगसिद्धतक 02:38 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 01:43 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:33 AM
सूर्यास्त05:48 PM
चन्द्रोदय11:58 AM
चन्द्रास्त12:47 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:20 PM – 01:01 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:57 AM – 06:45 AM
अमृत काल06:05 PM – 07:40 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:06 AM – 11:23 AM
गुलिक काल07:33 AM – 08:49 AM
यमगण्ड01:57 PM – 03:14 PM
वर्ज्यम्09:15 PM – 10:49 PM
दुर्मुहूर्त10:17 AM – 10:58 AM
दुर्मुहूर्त02:23 PM – 03:04 PM

दिन चौघड़िया

काल07:33 AM – 08:49 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:49 AM – 10:06 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:06 AM – 11:23 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:23 AM – 12:40 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:40 PM – 01:57 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:57 PM – 03:14 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:14 PM – 04:31 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:31 PM – 05:48 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:48 PM – 07:31 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:31 PM – 09:14 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:14 PM – 10:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:57 PM – 12:40 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:40 AM – 02:23 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:23 AM – 04:06 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:06 AM – 05:49 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:49 AM – 07:33 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle