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VedicSpaceपंचांगजम्मू › 2027-01-18

जम्मू पंचांग — 18 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · सोमवार · जम्मू-कश्मीर (32.7266°, 74.857°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना जम्मू (32.7266°, 74.857°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:32 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 10:27 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 2तक 09:05 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगशुभतक 09:33 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 10:27 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:32 AM
सूर्यास्त05:50 PM
चन्द्रोदय01:20 PM
चन्द्रास्त03:01 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:56 AM – 06:44 AM
अमृत काल08:23 PM – 09:53 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:49 AM – 10:06 AM
गुलिक काल01:58 PM – 03:15 PM
यमगण्ड11:23 AM – 12:41 PM
वर्ज्यम्11:29 AM – 12:58 PM
अभिजित मुहूर्त12:20 PM – 01:01 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:05 PM – 03:46 PM

दिन चौघड़िया

अमृत07:32 AM – 08:49 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:49 AM – 10:06 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:06 AM – 11:23 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:23 AM – 12:41 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:41 PM – 01:58 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:58 PM – 03:15 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:15 PM – 04:32 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:32 PM – 05:50 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर05:50 PM – 07:32 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:32 PM – 09:15 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:15 PM – 10:58 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:58 PM – 12:41 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:41 AM – 02:23 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:23 AM – 04:06 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:06 AM – 05:49 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:49 AM – 07:32 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle