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VedicSpaceपंचांगकाठमांडू › 2026-07-01

काठमांडू पंचांग — 1 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · बुधवार · (27.7172°, 85.324°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना काठमांडू (27.7172°, 85.324°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:11 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 07:53 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 4तक 07:06 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगइन्द्रतक 04:19 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 07:53 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:11 AM
सूर्यास्त07:04 PM
चन्द्रोदय08:23 PM
चन्द्रास्त05:56 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:35 AM – 04:23 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:07 PM – 01:51 PM
गुलिक काल10:23 AM – 12:07 PM
यमगण्ड06:55 AM – 08:39 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:39 AM – 12:35 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त08:53 AM – 09:48 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:11 AM – 06:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:55 AM – 08:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:39 AM – 10:23 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:23 AM – 12:07 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:07 PM – 01:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:51 PM – 03:35 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:35 PM – 05:19 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:19 PM – 07:04 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग07:04 PM – 08:19 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:19 PM – 09:35 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:35 PM – 10:51 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:51 PM – 12:07 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:07 AM – 01:23 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:23 AM – 02:39 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:39 AM – 03:55 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:55 AM – 05:11 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle