VedicSpace › पंचांग › काठमांडू › 2026-07-02
कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · गुरुवार · (27.7172°, 85.324°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना काठमांडू (27.7172°, 85.324°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष द्वितीया | तक 09:53 AM | भद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा · पाद 4 | तक 09:42 AM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | वैधृति | तक 04:54 PM | महापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित। |
| करण | गर | तक 09:53 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:12 AM |
| सूर्यास्त | 07:04 PM |
| चन्द्रोदय | 09:00 PM |
| चन्द्रास्त | 06:53 AM |
| चन्द्र राशि | मकर |
| सूर्य राशि | मिथुन |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · ग्रीष्म |
| अभिजित मुहूर्त | 11:40 AM – 12:35 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:36 AM – 04:24 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 01:52 PM – 03:36 PM |
| गुलिक काल | 08:40 AM – 10:24 AM |
| यमगण्ड | 05:12 AM – 06:56 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 01:31 PM – 02:26 PM |
| दुर्मुहूर्त | 05:13 PM – 06:08 PM |
| शुभ | 05:12 AM – 06:56 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 06:56 AM – 08:40 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:40 AM – 10:24 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:24 AM – 12:08 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 12:08 PM – 01:52 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:52 PM – 03:36 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:36 PM – 05:20 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 05:20 PM – 07:04 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 07:04 PM – 08:20 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:20 PM – 09:36 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:36 PM – 10:52 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:52 PM – 12:08 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:08 AM – 01:24 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:24 AM – 02:40 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:40 AM – 03:56 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:56 AM – 05:12 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
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