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VedicSpaceपंचांगकाठमांडू › 2026-12-10

काठमांडू पंचांग — 10 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, मूल नक्षत्र · गुरुवार · (27.7172°, 85.324°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना काठमांडू (27.7172°, 85.324°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:43 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 09:01 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रमूल · पाद 2तक 12:13 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगशूलतक 09:39 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 09:01 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:43 AM
सूर्यास्त05:10 PM
चन्द्रोदय07:54 AM
चन्द्रास्त06:00 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:35 AM – 12:17 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:07 AM – 05:55 AM
अमृत काल05:44 PM – 07:32 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:14 PM – 02:33 PM
गुलिक काल09:19 AM – 10:38 AM
यमगण्ड06:43 AM – 08:01 AM
वर्ज्यम्06:56 AM – 08:44 AM
दुर्मुहूर्त12:59 PM – 01:41 PM
दुर्मुहूर्त03:46 PM – 04:28 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:43 AM – 08:01 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:01 AM – 09:19 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:19 AM – 10:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:38 AM – 11:56 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:56 AM – 01:14 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:14 PM – 02:33 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:33 PM – 03:51 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:51 PM – 05:10 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत05:10 PM – 06:51 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:51 PM – 08:33 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:33 PM – 10:14 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:14 PM – 11:56 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:56 PM – 01:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:38 AM – 03:19 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:19 AM – 05:01 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:01 AM – 06:43 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle