VedicSpace › पंचांग › काठमांडू › 2026-12-12
शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · शनिवार · (27.7172°, 85.324°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना काठमांडू (27.7172°, 85.324°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:44 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष तृतीया | तक 02:21 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा · पाद 1 | तक 06:27 AM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | वृद्धि | तक 11:32 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | गर | तक 02:21 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:44 AM |
| सूर्यास्त | 05:10 PM |
| चन्द्रोदय | 09:23 AM |
| चन्द्रास्त | 07:51 PM |
| चन्द्र राशि | धनु |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:36 AM – 12:17 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:08 AM – 05:56 AM |
| अमृत काल | 11:57 PM – 01:45 AM |
| राहु काल | 09:20 AM – 10:38 AM |
| गुलिक काल | 06:44 AM – 08:02 AM |
| यमगण्ड | 01:15 PM – 02:33 PM |
| वर्ज्यम् | 01:06 PM – 02:54 PM |
| दुर्मुहूर्त | 09:30 AM – 10:12 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:41 PM – 02:23 PM |
| काल | 06:44 AM – 08:02 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:02 AM – 09:20 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:20 AM – 10:38 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:38 AM – 11:57 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:57 AM – 01:15 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:15 PM – 02:33 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:33 PM – 03:51 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:51 PM – 05:10 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 05:10 PM – 06:51 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 06:51 PM – 08:33 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:33 PM – 10:15 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:15 PM – 11:57 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:57 PM – 01:38 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:38 AM – 03:20 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:20 AM – 05:02 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 05:02 AM – 06:44 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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