VedicSpace › पंचांग › कोलकाता › 2026-09-05
कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · शनिवार · पश्चिम बंगाल (22.5726°, 88.3639°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलकाता (22.5726°, 88.3639°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:20 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष नवमी | तक 09:54 PM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | मृगशिरा · पाद 2 | तक 09:31 PM | मृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख। |
| योग | वज्र | तक 12:47 PM | अशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित। |
| करण | तैतिल | तक 11:04 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:20 AM |
| सूर्यास्त | 05:50 PM |
| चन्द्रोदय | 12:02 AM |
| चन्द्रास्त | 01:07 PM |
| चन्द्र राशि | वृषभ |
| सूर्य राशि | सिंह |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 11:10 AM – 12:00 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:44 AM – 04:32 AM |
| अमृत काल | 12:37 PM – 02:07 PM |
| राहु काल | 08:27 AM – 10:01 AM |
| गुलिक काल | 05:20 AM – 06:53 AM |
| यमगण्ड | 01:08 PM – 02:42 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 08:40 AM – 09:30 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:40 PM – 02:30 PM |
| काल | 05:20 AM – 06:53 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 06:53 AM – 08:27 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:27 AM – 10:01 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:01 AM – 11:35 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:35 AM – 01:08 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:08 PM – 02:42 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:42 PM – 04:16 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:16 PM – 05:50 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 05:50 PM – 07:16 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:16 PM – 08:42 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:42 PM – 10:08 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:08 PM – 11:35 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:35 PM – 01:01 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:01 AM – 02:27 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:27 AM – 03:53 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:53 AM – 05:20 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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