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VedicSpaceपंचांगकोलकाता › 2026-09-03

कोलकाता पंचांग — 3 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · गुरुवार · पश्चिम बंगाल (22.5726°, 88.3639°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलकाता (22.5726°, 88.3639°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:19 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमीतक 02:25 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 1तक 12:29 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगव्याघाततक 06:33 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 03:27 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:19 AM
सूर्यास्त05:52 PM
चन्द्रोदय10:02 PM
चन्द्रास्त10:56 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:10 AM – 12:00 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:43 AM – 04:31 AM
अमृत काल09:32 PM – 11:03 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:09 PM – 02:43 PM
गुलिक काल08:27 AM – 10:01 AM
यमगण्ड05:19 AM – 06:53 AM
वर्ज्यम्12:26 PM – 01:57 PM
दुर्मुहूर्त12:50 PM – 01:41 PM
दुर्मुहूर्त04:11 PM – 05:01 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:19 AM – 06:53 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:53 AM – 08:27 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:27 AM – 10:01 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:01 AM – 11:35 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:35 AM – 01:09 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:09 PM – 02:43 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:43 PM – 04:17 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:17 PM – 05:52 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत05:52 PM – 07:17 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:17 PM – 08:43 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:43 PM – 10:09 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:09 PM – 11:35 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:35 PM – 01:01 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:01 AM – 02:27 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:27 AM – 03:53 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:53 AM – 05:19 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle