VedicSpace › पंचांग › कोलकाता › 2026-10-13
शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, विशाखा नक्षत्र · मङ्गलवार · पश्चिम बंगाल (22.5726°, 88.3639°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलकाता (22.5726°, 88.3639°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:32 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष तृतीया | तक 11:28 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | मङ्गलवार | — | पराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | विशाखा · पाद 1 | तक 01:43 AM | मिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य। |
| योग | प्रीति | तक 08:23 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | तैतिल | तक 10:47 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:32 AM |
| सूर्यास्त | 05:13 PM |
| चन्द्रोदय | 07:51 AM |
| चन्द्रास्त | 06:43 PM |
| चन्द्र राशि | तुला |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 10:59 AM – 11:45 AM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:56 AM – 04:44 AM |
| अमृत काल | 03:45 PM – 05:28 PM |
| राहु काल | 02:17 PM – 03:45 PM |
| गुलिक काल | 11:22 AM – 12:50 PM |
| यमगण्ड | 08:27 AM – 09:54 AM |
| वर्ज्यम् | 05:23 AM – 07:07 AM |
| दुर्मुहूर्त | 10:12 AM – 10:59 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:19 PM – 02:06 PM |
| रोग | 05:32 AM – 06:59 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 06:59 AM – 08:27 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 08:27 AM – 09:54 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 09:54 AM – 11:22 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 11:22 AM – 12:50 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 12:50 PM – 02:17 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 02:17 PM – 03:45 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 03:45 PM – 05:13 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| काल | 05:13 PM – 06:45 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 06:45 PM – 08:17 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:17 PM – 09:50 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 09:50 PM – 11:22 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:22 PM – 12:54 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 12:54 AM – 02:27 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:27 AM – 03:59 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:59 AM – 05:32 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
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