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VedicSpaceपंचांगकोलकाता › 2026-11-16

कोलकाता पंचांग — 16 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि, श्रवण नक्षत्र · सोमवार · पश्चिम बंगाल (22.5726°, 88.3639°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलकाता (22.5726°, 88.3639°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:49 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष सप्तमीतक 04:20 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रश्रवण · पाद 1तक 02:17 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगगण्डतक 07:16 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 03:14 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:49 AM
सूर्यास्त04:53 PM
चन्द्रोदय11:24 AM
चन्द्रास्त10:34 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:13 AM – 05:01 AM
अमृत काल02:30 PM – 04:17 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:12 AM – 08:35 AM
गुलिक काल12:44 PM – 02:07 PM
यमगण्ड09:58 AM – 11:21 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त10:58 AM – 11:43 AM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त01:55 PM – 02:40 PM

दिन चौघड़िया

अमृत05:49 AM – 07:12 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:12 AM – 08:35 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:35 AM – 09:58 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:58 AM – 11:21 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:21 AM – 12:44 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:44 PM – 02:07 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:07 PM – 03:30 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:30 PM – 04:53 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर04:53 PM – 06:30 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:30 PM – 08:07 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:07 PM – 09:44 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:44 PM – 11:21 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:21 PM – 12:58 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:58 AM – 02:35 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:35 AM – 04:12 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:12 AM – 05:49 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle