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VedicSpaceपंचांगकोलकाता › 2026-11-17

कोलकाता पंचांग — 17 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · मङ्गलवार · पश्चिम बंगाल (22.5726°, 88.3639°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलकाता (22.5726°, 88.3639°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमीतक 06:05 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 1तक 04:34 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगवृद्धितक 07:54 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 05:17 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:50 AM
सूर्यास्त04:53 PM
चन्द्रोदय11:59 AM
चन्द्रास्त11:27 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त10:59 AM – 11:43 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:14 AM – 05:02 AM
अमृत काल05:02 PM – 06:47 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:07 PM – 03:30 PM
गुलिक काल11:21 AM – 12:44 PM
यमगण्ड08:35 AM – 09:58 AM
वर्ज्यम्06:32 AM – 08:17 AM
दुर्मुहूर्त10:15 AM – 10:59 AM
दुर्मुहूर्त01:12 PM – 01:56 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:50 AM – 07:12 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:12 AM – 08:35 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:35 AM – 09:58 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:58 AM – 11:21 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:21 AM – 12:44 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:44 PM – 02:07 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:07 PM – 03:30 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:30 PM – 04:53 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल04:53 PM – 06:30 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:30 PM – 08:07 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:07 PM – 09:44 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:44 PM – 11:21 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:21 PM – 12:58 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:58 AM – 02:35 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:35 AM – 04:12 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:12 AM – 05:50 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle