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VedicSpaceपंचांगकुआलालंपुर › 2026-09-16

कुआलालंपुर पंचांग — 16 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, विशाखा नक्षत्र · बुधवार · (3.139°, 101.6869°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कुआलालंपुर (3.139°, 101.6869°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:04 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पञ्चमीतक 11:29 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रविशाखा · पाद 2तक 07:52 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगवैधृतितक 02:52 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबालवतक 11:29 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:04 AM
सूर्यास्त07:12 PM
चन्द्रोदय10:59 AM
चन्द्रास्त11:04 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:28 AM – 06:16 AM
अमृत काल11:21 AM – 01:05 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:08 PM – 02:39 PM
गुलिक काल11:37 AM – 01:08 PM
यमगण्ड08:35 AM – 10:06 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:43 PM – 01:32 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त10:18 AM – 11:06 AM

दिन चौघड़िया

लाभ07:04 AM – 08:35 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:35 AM – 10:06 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:06 AM – 11:37 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:37 AM – 01:08 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:08 PM – 02:39 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:39 PM – 04:10 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:10 PM – 05:41 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:41 PM – 07:12 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग07:12 PM – 08:41 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:41 PM – 10:10 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:10 PM – 11:39 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:39 PM – 01:08 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:08 AM – 02:37 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:37 AM – 04:06 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:06 AM – 05:35 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:35 AM – 07:04 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle