VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगकुआलालंपुर › 2026-09-15

कुआलालंपुर पंचांग — 15 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, स्वाती नक्षत्र · मङ्गलवार · (3.139°, 101.6869°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कुआलालंपुर (3.139°, 101.6869°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:04 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 10:14 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रस्वाती · पाद 3तक 05:51 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगइन्द्रतक 02:50 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 10:14 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:04 AM
सूर्यास्त07:13 PM
चन्द्रोदय10:10 AM
चन्द्रास्त10:16 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:44 PM – 01:32 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:28 AM – 06:16 AM
अमृत काल09:32 AM – 11:14 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:10 PM – 05:41 PM
गुलिक काल01:08 PM – 02:39 PM
यमगण्ड10:06 AM – 11:37 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:55 AM – 12:44 PM
दुर्मुहूर्त03:10 PM – 03:58 PM

दिन चौघड़िया

रोग07:04 AM – 08:35 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:35 AM – 10:06 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:06 AM – 11:37 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:37 AM – 01:08 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:08 PM – 02:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:39 PM – 04:10 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:10 PM – 05:41 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:41 PM – 07:13 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल07:13 PM – 08:41 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:41 PM – 10:10 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:10 PM – 11:39 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:39 PM – 01:08 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:08 AM – 02:37 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:37 AM – 04:06 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:06 AM – 05:35 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:35 AM – 07:04 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle