VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगकुआलालंपुर › 2026-10-22

कुआलालंपुर पंचांग — 22 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, शतभिषा नक्षत्र · गुरुवार · (3.139°, 101.6869°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कुआलालंपुर (3.139°, 101.6869°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:57 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 05:18 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 2तक 11:19 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगवृद्धितक 02:09 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 05:18 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:57 AM
सूर्यास्त06:59 PM
चन्द्रोदय04:01 PM
चन्द्रास्त03:28 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:33 PM – 01:22 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:21 AM – 06:09 AM
अमृत काल04:48 PM – 06:27 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:28 PM – 03:58 PM
गुलिक काल09:57 AM – 11:27 AM
यमगण्ड06:57 AM – 08:27 AM
वर्ज्यम्06:50 AM – 08:30 AM
दुर्मुहूर्त02:10 PM – 02:58 PM
दुर्मुहूर्त05:22 PM – 06:10 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:57 AM – 08:27 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:27 AM – 09:57 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:57 AM – 11:27 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:27 AM – 12:58 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:58 PM – 02:28 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:28 PM – 03:58 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:58 PM – 05:28 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:28 PM – 06:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:59 PM – 08:28 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:28 PM – 09:58 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:58 PM – 11:28 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:28 PM – 12:58 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:58 AM – 02:27 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:27 AM – 03:57 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:57 AM – 05:27 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:27 AM – 06:57 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle