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VedicSpaceपंचांगकुआलालंपुर › 2027-04-08

कुआलालंपुर पंचांग — 8 अप्रैल 2027

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, अश्विनी नक्षत्र · गुरुवार · (3.139°, 101.6869°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कुआलालंपुर (3.139°, 101.6869°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:10 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 06:59 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 2तक 08:29 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगवैधृतितक 08:06 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबवतक 06:59 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:10 AM
सूर्यास्त07:20 PM
चन्द्रोदय07:56 AM
चन्द्रास्त08:21 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:50 PM – 01:39 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:34 AM – 06:22 AM
अमृत काल02:37 PM – 04:10 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:46 PM – 04:17 PM
गुलिक काल10:12 AM – 11:43 AM
यमगण्ड07:10 AM – 08:41 AM
वर्ज्यम्05:44 PM – 07:18 PM
दुर्मुहूर्त02:28 PM – 03:16 PM
दुर्मुहूर्त05:42 PM – 06:31 PM

दिन चौघड़िया

शुभ07:10 AM – 08:41 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:41 AM – 10:12 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:12 AM – 11:43 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:43 AM – 01:15 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:15 PM – 02:46 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:46 PM – 04:17 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:17 PM – 05:48 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:48 PM – 07:20 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:20 PM – 08:48 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:48 PM – 10:17 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:17 PM – 11:46 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:46 PM – 01:15 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:15 AM – 02:43 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:43 AM – 04:12 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:12 AM – 05:41 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:41 AM – 07:10 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle