VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगकुआलालंपुर › 2027-04-10

कुआलालंपुर पंचांग — 10 अप्रैल 2027

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · शनिवार · (3.139°, 101.6869°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कुआलालंपुर (3.139°, 101.6869°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:10 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 02:10 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 2तक 06:37 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगआयुष्मान्तक 12:51 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 03:07 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:10 AM
सूर्यास्त07:20 PM
चन्द्रोदय09:42 AM
चन्द्रास्त10:15 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:50 PM – 01:39 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:34 AM – 06:22 AM
अमृत काल05:30 PM – 07:01 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:12 AM – 11:43 AM
गुलिक काल07:10 AM – 08:41 AM
यमगण्ड02:46 PM – 04:17 PM
वर्ज्यम्08:21 AM – 09:52 AM
दुर्मुहूर्त10:24 AM – 11:13 AM
दुर्मुहूर्त03:16 PM – 04:05 PM

दिन चौघड़िया

काल07:10 AM – 08:41 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:41 AM – 10:12 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:12 AM – 11:43 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:43 AM – 01:15 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:15 PM – 02:46 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:46 PM – 04:17 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:17 PM – 05:48 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:48 PM – 07:20 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:20 PM – 08:48 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:48 PM – 10:17 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:17 PM – 11:46 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:46 PM – 01:15 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:15 AM – 02:43 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:43 AM – 04:12 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:12 AM – 05:41 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:41 AM – 07:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle