VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-06-17

लंदन पंचांग — 17 जून 2026

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · बुधवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:42 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 05:09 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 4तक 09:07 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगध्रुवतक 04:21 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 06:42 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:42 AM
सूर्यास्त09:21 PM
चन्द्रोदय07:08 AM
चन्द्रास्त11:40 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:06 AM – 03:54 AM
अमृत काल05:39 AM – 07:05 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:01 PM – 03:06 PM
गुलिक काल10:56 AM – 01:01 PM
यमगण्ड06:46 AM – 08:51 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:28 PM – 01:34 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:08 AM – 10:15 AM

दिन चौघड़िया

लाभ04:42 AM – 06:46 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:46 AM – 08:51 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:51 AM – 10:56 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:56 AM – 01:01 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:01 PM – 03:06 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:06 PM – 05:11 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:11 PM – 07:16 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:16 PM – 09:21 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग09:21 PM – 10:16 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:16 PM – 11:11 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:11 PM – 12:06 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:06 AM – 01:01 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:01 AM – 01:56 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:56 AM – 02:51 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:51 AM – 03:46 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:46 AM – 04:42 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle